बुधवार, 20 अप्रैल 2011

मां कैसे जान जाती हैं ....













मां के हाथों में
जादू की छड़ी जैसी
कोई चीज तो नहीं दिखती
पर वे काम सारे जादू से करती हैं
इतनी जल्‍दी कि
हम जब तक समझते हैं कहते हैं
और वो पूरा कर देती हैं ...
मां की आंखों पे
जादू वाला चश्‍मा भी नजर नहीं आता
फिर भी जाने मां को कैसे पता चल जाता है
हमने उनसे क्‍या छिपाया है
हम हैरान परेशान से
भाई-बहन आंखो ही आंखों में सवाल करते हैं
मां कैसे जान जाती हैं इतना कुछ
लगता है मां के पास जादू से भी बड़ा कुछ है
तभी तो वो एक चुटकी में हल कर देती हैं
सारी उलझनें
हम उलझकर रह जाते हैं मां की
इस प्‍यार भरी मुस्‍कान में
और फिर खोजने लगते हैं जादू से बड़ा क्‍या है
इनका प्‍यार ...या जादू ....

6 टिप्‍पणियां:

  1. माँ भगवान का ही दूसरा रूप होती है.

    उत्तर देंहटाएं
  2. सचमुच, मां भगवान का ही दूसरा रूप है।
    मां को समर्पित सबसे श्रेष्ठ रचना।
    मां को नमन।

    उत्तर देंहटाएं
  3. सच है माँ के पास जादू होता है ममत्त्व भरा दिल

    उत्तर देंहटाएं
  4. सच माँ सब कुछ जान लेती है..... यानि ममता सब कुछ जान लेती है....

    उत्तर देंहटाएं
  5. मां के हाथों में
    जादू की छड़ी जैसी
    कोई चीज तो नहीं दिखती
    पर वे काम सारे जादू से करती हैं
    इतनी जल्‍दी कि
    हम जब तक समझते हैं कहते हैं
    और वो पूरा कर देती हैं ...
    मां की आंखों पे
    जादू वाला चश्‍मा भी नजर नहीं आता
    फिर भी जाने मां को कैसे पता चल जाता है
    हमने उनसे क्‍या छिपाया है
    हम हैरान परेशान से
    भाई-बहन आंखो ही आंखों में सवाल करते हैं
    मां कैसे जान जाती हैं इतना कुछ
    लगता है मां के पास जादू से भी बड़ा कुछ है
    तभी तो वो एक चुटकी में हल कर देती हैं
    सारी उलझनें
    हम उलझकर रह जाते हैं मां की
    इस प्‍यार भरी मुस्‍कान में
    और फिर खोजने लगते हैं जादू से बड़ा क्‍या है
    इनका प्‍यार ...या जादू ...
    har pankti lajawab hai isliye main chayan nahi kar payee aur sari kavita hi yahan utar dee.badhai.

    उत्तर देंहटाएं