शनिवार, 6 नवंबर 2010

फुलझड़ी की चमक ....


रौशनी करते ही फुलझड़ी की

चमक उठी नन्‍हीं की आंखे भी

उसने भी अपनी छोटी सी हथेली को

फैलाया उसे पकड़ने के लिऐ

रौशनी में उसका उछलना

हर्षित कर गया मन को

दो न ...मुझे भी .. जलाना है ...

हमारा डर ...उसकी खुशी

हमारा रोकना ...उसका पकड़ना

फुलझड़ी को ...उसके पास ले गया ...

पता ही नहीं चला ...

उसके यह शब्‍द

दीवाली में आपके लिए .....



14 टिप्‍पणियां:

  1. फुलझड़ी के हाथ में थमा दिया फुलझड़ी

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  2. बहुत सुंदर .... दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये....

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  3. वाह फुलझड़ी... ......हैप्पी दिवाली

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  4. बहुत सुन्दर
    ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ ...!
    अनुष्का

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  5. बहुत-बहुत शुभकामनाएँ एवं आशीर्वाद!
    --
    आपकी पोस्ट की चर्चा बाल चर्चा मंच पर भी
    की गयी है!
    http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/11/28.html

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  6. बहुत सुंदर .... दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये....

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  7. बहुत सुन्दर रही दीवाली...बधाई.
    अले वाह, आज तो बाल दिवस है. सभी को बधाई और हम बच्चों को मिले मिठाई...

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  8. सारी बहुत दिन बाद लाडली से मिल रही हूँ कैसी है? उसे आशीर्वाद।

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  9. यह क्षण संजो कर रखियेगा , वह बड़े होकर यकीनन आपकी आभारी होगी ...
    शुभकामनाये आपको और आशीर्वाद गुडिया को !

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