सोमवार, 2 जनवरी 2012

नन्‍हीं कली के हौसले उम्‍मीद भरे ...!!!


















हौसले उम्‍मीद भरे
पंजे के बल उछलना
पकड़ना टहनी को
ये ज़ौहर है  उनका जो
कुछ कर गुज़रना चाहते हैं
ऐसे ही एहसास हैं
मेरे आंगन में
हर खुशी को पकड़ती
चंचल हंसी से
मन को मोहती नन्‍हीं कली के  ...!!
कोशिशें जब से
दस्‍तक देना सीख गई थीं,
तभी तो वह जब तब
हारकर भी नहीं हारती थी हिम्‍मत
निराशा के क्षणों में
उसका मस्तिष्‍क विचारों की
रूपरेखा तैयार करता
समय से सीखती रोज़ कैसे
एक नया दिन आता है
समय ठहरता नहीं जब तो
वो क्‍यूं ठहरे भला ...
हारे हुए दिल को अक्‍़सर वह
यही मंत्र दिया करती थी
जाप करने के लिए
विजेता बनने का हथियार है
कर्म से विमुख मत बनो
अवश्‍य विजयी होगे  ...
निश्‍चय पर अडिग हुए हो तो ...!!!


9 टिप्‍पणियां:

  1. विजेता बनने का हथियार है
    कर्म से विमुख मत बनो
    अवश्‍य विजयी होगे ...
    निश्‍चय पर अडिग हुए हो तो ...!!!

    सच्चा संदेश दिया है आपने।

    नव वर्ष 2012 की हार्दिक शुभकामनाएँ ।

    सादर

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  2. सार्थक सन्देश देती सुन्दर प्रस्तुति....नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें...

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  3. सुन्दर और सार्थक सन्देश देती अच्छी प्रस्तुति

    नव वर्ष की शुभकामनायें

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  4. बहुत सुंदर और भावपूर्ण रचना....बधाई।

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  5. एहसास की यह अभिव्यक्ति बहुत खूब अच्छा सन्देश देती हुई रचना है!

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  6. सार्थक संदेश देती सुंदर प्रस्तुति .....

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  7. दृढ़ निश्चय,सकारात्मक सोच एवं सटीक नजरिया रखती
    हुई,सार्थक रचना।
    बधाई एवं आभार.......

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