सोमवार, 3 अगस्त 2009

मन को छू लेते हैं अक्‍सर वो पल
जब लाडली बेटी आपके आंगन का
हर कोना महका देती है,
अपनी मुस्‍कान से,
आइये साझा करें उन खुशियों को .... ।

10 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छा प्रयास है .इतने सारे ब्लॉग बनाने के आवशयकता ?

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  2. Bahut achchha laga ....apaka yah prayas.shubhkamnayen.
    Poonam

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  3. आप सभी का बहुत-बहुत आभार इस ब्‍लाग को अपनाने का, महेश जी आपने कहा इतने सारे ब्‍लाग बनाने की आवश्‍यकता? बिल्‍कुल सच मुझे भी यही महसूस हो रहा है पर मैं पहले यह बेटियों वाला ब्‍लाग बना नहीं पाई इसका अफसोस था और यह मेरा नहीं आप सबका है इस पर मैं अपनी ही नहीं आप सब की रचनायें जो बेटियों से सम्‍बंधित हों लाना चाहती हूं कृपया सहयोग कर इसे आगे बढ़ायें और मुझे इस बारे में अपने सुझाव देते रहें।

    धन्‍यवाद

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  4. बहुत अच्छा. चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है.......भविष्य के लिये ढेर सारी शुभकामनायें.

    गुलमोहर का फूल

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  5. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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