गुरुवार, 28 अप्रैल 2011

मां का साथ ...
















फलक पे सितारे अनगिनत हैं जो चांद न होता,
दुनिया में रिश्‍ते बहुत हैं जो मां का साथ न होता ।

जीवन का अर्थ समझने के लिये साया मां का मेरे,
साथ-साथ चलता है अकेले जाने मेरा क्‍या होता ।


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